हमने बचपन से सुना
आवश्यक है
जवाब ढूंढना
सवाल पूछना
और मौन रहना
आरोही क्रम में ।
हमारे बोध से बाहर ही रही
जरूरत, कब और कितनी सही
ध्वनि और निःशब्दता की ।
Wednesday, May 5, 2021
ध्वनि बोध
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You only deem my words comfortable For they were a seat for your thoughts All kinds, prepared and extempore, wise and petty, soothing and no...
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कीटनाशक इतिहास की लाठी के सहारे चलता हुआ एक देश उसके आभासी मध्य मे स्थि...
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चालीस - सौ गायें बैठी थी बीच चौराहे लखनऊ के। जैसे धरना देते प्रदर्शनकारी बिना कैमरे के। सरकारी अनुमानों से भी बङा लगता है चालीस और सौ...
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वो तो अच्छा हुआ कि नहीं ओढ़ते चादर, मछली, शेर या जीव जैसे चमगादङ। वरना कैमरे से मशहूर हो जाते, और इंसानो से ज्यादा कू्र हो जाते। जैसे छा...